सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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कागज़ की आत्मा By Skp divine

कागज़ की आत्मायादों, सपनों और एक अनसुनी आवाज़ की कहानीअध्याय 1 — वह कागज़ जो सब याद रखता थाइस दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं, जो बिना आवाज़ किए भी बहुत कुछ कह जाती हैं।पुरानी द...

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वंश और विरासत भाग :- ५ By prem chand hembram

वंश और विरासत भाग :-५अगला प्रसंग — आत्मसम्मान और रिश्तेसरला को अस्पताल में भर्ती हुए दस दिन बीत चुके थे। सफल ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत में काफी सुधार आया था। डॉक्टरों की निगरानी में...

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वंश और विरासत भाग :-४ By prem chand hembram

वंश और विरासतसोहराय की आहट और वंश का दीपकगाँव में सोहराय की आहट सुनाई देने लगी थी। पूरा गाँव साफ-सफाई में जुटा था। घरों की दीवारें मिट्टी से लीपी जा रही थीं। आँगन सँवारे जा रहे थे।...

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बांसुरी की धुन भाग :-१९ By prem chand hembram

बाँसुरी की धुनभाग 19 — अंतर्मन का द्वंद्वगाँव की बैठक समाप्त हो चुकी थी। लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे थे। लेकिन बैठक में लिए गए निर्णय की गूँज अभी भी पूरे गाँव में सुनाई...

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बांसुरी को धुन भाग :-१६ - बांसुरी को धुन भाग :१६ By prem chand hembram

बाँसुरी की धुनभाग 16 — विश्वास की अग्निपरीक्षागाँव के बीचोंबीच विशाल पीपल के पेड़ के नीचे आज असाधारण भीड़ जमा थी। स्त्री-पुरुष, बुजुर्ग और युवा—सभी एकत्रित थे। आज का प्रश्न केवल मा...

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बांसुरी की धुन भाग :-१७ By prem chand hembram

Writingबाँसुरी की धुनभाग १७ — रिश्तों की वापसीपीपल के पेड़ के नीचे सभा अब भी जारी थी। माही के सवालों ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया था। कोई परंपरा के पक्ष में था, तो कोई न्याय की ब...

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बांसुरी की धुन भाग :-१८ By prem chand hembram

बाँसुरी की धुनभाग 18 — त्याग की राहसुबह का सूरज गाँव के ऊपर धीरे-धीरे चढ़ रहा था। लेकिन उस दिन गाँव की सुबह में रोज जैसी चहल-पहल नहीं थी। लोगों के चेहरों पर उदासी थी। किसी के मन मे...

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अनकही कहानियां By Vijay Erry

अनकही कहानियाँ(लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाज़िंदगी में कुछ कहानियाँ कही जाती हैं, कुछ सुनी जाती हैं, और कुछ… अनकही रह जाती हैं।वे कहानियाँ जो दिल के किसी कोने में...

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रिश्ते में बहस में जीतना By r k lal

रिश्ते में बहस में जीतना आर0 के0 लाल   सुशील को अपनी बात पर पूरा विश्वास था। वह जानता था कि इस बार गलती उसकी नहीं थी। सामने उसकी पत्नी मीरा थी और उसकी आँखों में गुस्से से अधिक दुख...

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दुश्मनों का प्यार By Vijay Erry

दुश्मनों का प्यारलेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव के किनारे बहती नदी के पास एक पुराना मंदिर था। उस मंदिर के पास दो घर थे। एक घर में रामलाल ठाकुर रहते थे और दूसरे में श्यामसिंह यादव। दोनो...

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वंश और विरासत - भाग 3 By prem chand hembram

वंश और विरासतएक सामाजिक कहानीशाम धीरे-धीरे अपने पाँव पसार रही थी। दिनभर की भागदौड़ के बाद बाजार की चहल-पहल कम होने लगी थी। सतीश मंडल, जिन्हें मोहल्ले के लोग प्यार से सती दा कहते थे...

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मामाजी के आंगन में By Dr. Pradeep Kumar Sharma

संस्मरण मामाजी के आँगन में  लगभग 40-42 साल पहले जब मैं प्रायमरी स्कूल में पढ़ता था, तब गर्मियों की छुट्टियाँ दो महीने की होती थीं। उस समय हर साल 30 अप्रैल को परीक्षा परिणाम निकलता...

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बांसुरी की धुन - भाग 15 By prem chand hembram

भाग 15 — आस्था और अंधविश्वासजिलिंगटांडी गाँव के एक छोर पर स्थित विशाल पेड़ के नीचे उस शाम पंचायत सजी हुई थी। समय लगभग साढ़े सात-आठ बजे का था। गाँव के बुद्धिजीवी, बुजुर्ग, नौजवान और...

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गरीब के बहते आंसु - 8 By prem chand hembram

अस्पताल के बाहर सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी। कोई बरामदे की बेंच पर बैठा था, तो कोई दीवार के सहारे खड़ा होकर हरखू के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा था। रामचरण की आँखें...

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मेरा प्यारा गाँव By Vijay Erry

मेरा प्यारा गाँव(एक हिंदी कहानी – लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाकुछ जगहें सिर्फ मिट्टी और ईंटों का नाम नहीं होतीं। वे दिल के किसी कोने में हमेशा के लिए बस जाती हैं।...

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एक मासूम चेहरे पे फिदा दिल By AbhiNisha

इक मासूम चेहरे पे फिदा दिलयह एसी कहानी जो रोमन और दर्द से भरा हुआ है यह कहानी है एक लड़की की और दो लड़के की जिसके किरदार को देखकर यह समझ में आता है  कि प्यार हो ना प्यार नहीं होता ...

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बेटी By Vijay Erry

मैं एक बेटीलेखक: विजय शर्मा एरीमैं एक बेटी हूँ। बस इतना सा वाक्य है, लेकिन इसमें पूरी जिंदगी छुपी हुई है। मेरे नाम का कोई खास मतलब नहीं है, लेकिन मेरी कहानी का बहुत कुछ मतलब है। आज...

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परंपरा की विरासत — अच्छे संस्कारों की कहानी By Skp divine

परंपरा की विरासत — अच्छे संस्कारों की कहानीएक छोटे से शहर में एक पुराना-सा सुंदर घर था। घर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसकी दीवारों में वर्षों की यादें बसी थीं। आँगन में एक पुराना नीम...

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अलमारी का रहस्य By Nisha Choudhary

"बेटा, पुरानी अलमारी में एक डिब्बा रखा है... मेरे जाने के बाद ही खोलना!"[कहानी]रमेश शहर की एक बहुत बड़ी कंपनी में ऊँचे पद पर पहुँच चुका था। उसकी ज़िंदगी में अब सिर्फ़ काम, मीटिंग्स...

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ईमानदार लकड़हारा By palak baisla

एक सुंदर हरे-भरे गाँव में रामू नाम का एक बहुत ही गरीब लकड़हारा रहता था। वह बहुत मेहनती और ईमानदार था। उसके परिवार में उसकी बूढ़ी माँ और एक छोटी बेटी थी। रामू रोज सुबह कुल्हाड़ी लेक...

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लालची हलवाई By palak baisla

एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में घसीटाराम नाम का एक हलवाई रहता था। उसके हाथ की बनी जलेबी और लड्डू इतने स्वादिष्ट होते थे कि दूर-दूर के गाँवों से लोग उसे खाने आते थे। उसकी दुका...

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दो रोटी का कर्ज़ By palak baisla

मोहन शहर के एक बड़े होटल में वेटर का काम करता था। उसकी तनख्वाह सिर्फ 8000 रुपये थी। इतने कम पैसों में वह अपनी पत्नी, छोटे बच्चे और बूढ़ी माँ का पेट किसी तरह पाल रहा था। मालिक अक्सर...

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डिजिटल दौर की हवस: स्वाइप, स्पर्श और सन्नाटा By Mayur Chaudhary

शहर की रातें अब सोती नहीं थीं, बस स्क्रीन की नीली रोशनी में करवटें बदलती थीं। सत्ताईस साल का अर्णव अपने फ्लैट की बालकनी में खड़ा नीचे की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी को देख रहा था। उसके हा...

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चीनी कम By Madhavi Tripathi

हर कोई आपको पसंद नहीं करेगा... और यह पूरी तरह से ठीक है।कुछ महीने पहले की बात है, हमारे घर एक मेहमान आए।मैंने औपचारिकता निभाते हुए उनसे हमेशा की तरह वही सीधा सवाल पूछा,"आप चाय लेंग...

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Why Buddha? By Minakshi Sharad Ramteke

बहुत समय पहले एक युवक था, जिसका नाम आरव था। उसके पास जीवन में बहुत कुछ था, लेकिन उसके मन में शांति नहीं थी।वह हर दिन किसी न किसी बात को लेकर परेशान रहता। कभी बीते हुए कल की बातें उ...

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राहें - 24 By shiromani mathur

नींव के पत्थरहमारे आसपास कुछ ऐसे व्यक्ति होते हैं, जो अपने अच्छेस्वभाव, संस्कारों से निरन्तर समाज सेवा करते रहते है, परन्तु उनकीअच्छाइयों की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता, जैसे धार्मिक...

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कुर्सी By Madhavi Tripathi

“कुर्सी बदलते देर नहीं लगती, लेकिन इंसान की पहचान उसके व्यवहार से होती है।”समय बड़ी खामोशी से यह बदल देता है कि हम कहाँ बैठे हैं।कुछ साल पहले मैं स्कूल की एक विदाई पार्टी में गई थी...

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कागज़ की आत्मा By Skp divine

कागज़ की आत्मायादों, सपनों और एक अनसुनी आवाज़ की कहानीअध्याय 1 — वह कागज़ जो सब याद रखता थाइस दुनिया में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं, जो बिना आवाज़ किए भी बहुत कुछ कह जाती हैं।पुरानी द...

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वंश और विरासत भाग :- ५ By prem chand hembram

वंश और विरासत भाग :-५अगला प्रसंग — आत्मसम्मान और रिश्तेसरला को अस्पताल में भर्ती हुए दस दिन बीत चुके थे। सफल ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत में काफी सुधार आया था। डॉक्टरों की निगरानी में...

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वंश और विरासत भाग :-४ By prem chand hembram

वंश और विरासतसोहराय की आहट और वंश का दीपकगाँव में सोहराय की आहट सुनाई देने लगी थी। पूरा गाँव साफ-सफाई में जुटा था। घरों की दीवारें मिट्टी से लीपी जा रही थीं। आँगन सँवारे जा रहे थे।...

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बांसुरी की धुन भाग :-१९ By prem chand hembram

बाँसुरी की धुनभाग 19 — अंतर्मन का द्वंद्वगाँव की बैठक समाप्त हो चुकी थी। लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे थे। लेकिन बैठक में लिए गए निर्णय की गूँज अभी भी पूरे गाँव में सुनाई...

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बांसुरी को धुन भाग :-१६ - बांसुरी को धुन भाग :१६ By prem chand hembram

बाँसुरी की धुनभाग 16 — विश्वास की अग्निपरीक्षागाँव के बीचोंबीच विशाल पीपल के पेड़ के नीचे आज असाधारण भीड़ जमा थी। स्त्री-पुरुष, बुजुर्ग और युवा—सभी एकत्रित थे। आज का प्रश्न केवल मा...

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बांसुरी की धुन भाग :-१७ By prem chand hembram

Writingबाँसुरी की धुनभाग १७ — रिश्तों की वापसीपीपल के पेड़ के नीचे सभा अब भी जारी थी। माही के सवालों ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया था। कोई परंपरा के पक्ष में था, तो कोई न्याय की ब...

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बांसुरी की धुन भाग :-१८ By prem chand hembram

बाँसुरी की धुनभाग 18 — त्याग की राहसुबह का सूरज गाँव के ऊपर धीरे-धीरे चढ़ रहा था। लेकिन उस दिन गाँव की सुबह में रोज जैसी चहल-पहल नहीं थी। लोगों के चेहरों पर उदासी थी। किसी के मन मे...

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अनकही कहानियां By Vijay Erry

अनकही कहानियाँ(लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाज़िंदगी में कुछ कहानियाँ कही जाती हैं, कुछ सुनी जाती हैं, और कुछ… अनकही रह जाती हैं।वे कहानियाँ जो दिल के किसी कोने में...

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रिश्ते में बहस में जीतना By r k lal

रिश्ते में बहस में जीतना आर0 के0 लाल   सुशील को अपनी बात पर पूरा विश्वास था। वह जानता था कि इस बार गलती उसकी नहीं थी। सामने उसकी पत्नी मीरा थी और उसकी आँखों में गुस्से से अधिक दुख...

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दुश्मनों का प्यार By Vijay Erry

दुश्मनों का प्यारलेखक: विजय शर्मा एर्रीगाँव के किनारे बहती नदी के पास एक पुराना मंदिर था। उस मंदिर के पास दो घर थे। एक घर में रामलाल ठाकुर रहते थे और दूसरे में श्यामसिंह यादव। दोनो...

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वंश और विरासत - भाग 3 By prem chand hembram

वंश और विरासतएक सामाजिक कहानीशाम धीरे-धीरे अपने पाँव पसार रही थी। दिनभर की भागदौड़ के बाद बाजार की चहल-पहल कम होने लगी थी। सतीश मंडल, जिन्हें मोहल्ले के लोग प्यार से सती दा कहते थे...

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मामाजी के आंगन में By Dr. Pradeep Kumar Sharma

संस्मरण मामाजी के आँगन में  लगभग 40-42 साल पहले जब मैं प्रायमरी स्कूल में पढ़ता था, तब गर्मियों की छुट्टियाँ दो महीने की होती थीं। उस समय हर साल 30 अप्रैल को परीक्षा परिणाम निकलता...

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बांसुरी की धुन - भाग 15 By prem chand hembram

भाग 15 — आस्था और अंधविश्वासजिलिंगटांडी गाँव के एक छोर पर स्थित विशाल पेड़ के नीचे उस शाम पंचायत सजी हुई थी। समय लगभग साढ़े सात-आठ बजे का था। गाँव के बुद्धिजीवी, बुजुर्ग, नौजवान और...

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गरीब के बहते आंसु - 8 By prem chand hembram

अस्पताल के बाहर सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी। कोई बरामदे की बेंच पर बैठा था, तो कोई दीवार के सहारे खड़ा होकर हरखू के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा था। रामचरण की आँखें...

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मेरा प्यारा गाँव By Vijay Erry

मेरा प्यारा गाँव(एक हिंदी कहानी – लगभग 2000 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीप्रस्तावनाकुछ जगहें सिर्फ मिट्टी और ईंटों का नाम नहीं होतीं। वे दिल के किसी कोने में हमेशा के लिए बस जाती हैं।...

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एक मासूम चेहरे पे फिदा दिल By AbhiNisha

इक मासूम चेहरे पे फिदा दिलयह एसी कहानी जो रोमन और दर्द से भरा हुआ है यह कहानी है एक लड़की की और दो लड़के की जिसके किरदार को देखकर यह समझ में आता है  कि प्यार हो ना प्यार नहीं होता ...

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बेटी By Vijay Erry

मैं एक बेटीलेखक: विजय शर्मा एरीमैं एक बेटी हूँ। बस इतना सा वाक्य है, लेकिन इसमें पूरी जिंदगी छुपी हुई है। मेरे नाम का कोई खास मतलब नहीं है, लेकिन मेरी कहानी का बहुत कुछ मतलब है। आज...

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परंपरा की विरासत — अच्छे संस्कारों की कहानी By Skp divine

परंपरा की विरासत — अच्छे संस्कारों की कहानीएक छोटे से शहर में एक पुराना-सा सुंदर घर था। घर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसकी दीवारों में वर्षों की यादें बसी थीं। आँगन में एक पुराना नीम...

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अलमारी का रहस्य By Nisha Choudhary

"बेटा, पुरानी अलमारी में एक डिब्बा रखा है... मेरे जाने के बाद ही खोलना!"[कहानी]रमेश शहर की एक बहुत बड़ी कंपनी में ऊँचे पद पर पहुँच चुका था। उसकी ज़िंदगी में अब सिर्फ़ काम, मीटिंग्स...

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ईमानदार लकड़हारा By palak baisla

एक सुंदर हरे-भरे गाँव में रामू नाम का एक बहुत ही गरीब लकड़हारा रहता था। वह बहुत मेहनती और ईमानदार था। उसके परिवार में उसकी बूढ़ी माँ और एक छोटी बेटी थी। रामू रोज सुबह कुल्हाड़ी लेक...

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लालची हलवाई By palak baisla

एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में घसीटाराम नाम का एक हलवाई रहता था। उसके हाथ की बनी जलेबी और लड्डू इतने स्वादिष्ट होते थे कि दूर-दूर के गाँवों से लोग उसे खाने आते थे। उसकी दुका...

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दो रोटी का कर्ज़ By palak baisla

मोहन शहर के एक बड़े होटल में वेटर का काम करता था। उसकी तनख्वाह सिर्फ 8000 रुपये थी। इतने कम पैसों में वह अपनी पत्नी, छोटे बच्चे और बूढ़ी माँ का पेट किसी तरह पाल रहा था। मालिक अक्सर...

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डिजिटल दौर की हवस: स्वाइप, स्पर्श और सन्नाटा By Mayur Chaudhary

शहर की रातें अब सोती नहीं थीं, बस स्क्रीन की नीली रोशनी में करवटें बदलती थीं। सत्ताईस साल का अर्णव अपने फ्लैट की बालकनी में खड़ा नीचे की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी को देख रहा था। उसके हा...

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चीनी कम By Madhavi Tripathi

हर कोई आपको पसंद नहीं करेगा... और यह पूरी तरह से ठीक है।कुछ महीने पहले की बात है, हमारे घर एक मेहमान आए।मैंने औपचारिकता निभाते हुए उनसे हमेशा की तरह वही सीधा सवाल पूछा,"आप चाय लेंग...

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Why Buddha? By Minakshi Sharad Ramteke

बहुत समय पहले एक युवक था, जिसका नाम आरव था। उसके पास जीवन में बहुत कुछ था, लेकिन उसके मन में शांति नहीं थी।वह हर दिन किसी न किसी बात को लेकर परेशान रहता। कभी बीते हुए कल की बातें उ...

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राहें - 24 By shiromani mathur

नींव के पत्थरहमारे आसपास कुछ ऐसे व्यक्ति होते हैं, जो अपने अच्छेस्वभाव, संस्कारों से निरन्तर समाज सेवा करते रहते है, परन्तु उनकीअच्छाइयों की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता, जैसे धार्मिक...

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कुर्सी By Madhavi Tripathi

“कुर्सी बदलते देर नहीं लगती, लेकिन इंसान की पहचान उसके व्यवहार से होती है।”समय बड़ी खामोशी से यह बदल देता है कि हम कहाँ बैठे हैं।कुछ साल पहले मैं स्कूल की एक विदाई पार्टी में गई थी...

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